महिला वर्ल्ड कप 2025: Arundhati Reddy का क्रिकेट करियर और शानदार आँकड़े

By: Daksh Kanojia

On: Thursday, September 18, 2025 4:56 AM

महिला वर्ल्ड कप 2025_ Arundhati Reddy का क्रिकेट करियर और शानदार आँकड़े
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महिला वर्ल्ड कप 2025: Arundhati Reddy का क्रिकेट करियर और शानदार आँकड़े भारतीय महिला क्रिकेट ने पिछले कुछ वर्षों में जिस तरह से अपनी अलग पहचान बनाई है, उसमें कई नई और उभरती हुई खिलाड़ियों का योगदान रहा है। उन्हीं में से एक नाम है अरुंधति रेड्डी का। हैदराबाद, तेलंगाना की गलियों से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का उनका सफ़र प्रेरणादायक है। तेज़ गेंदबाज़ी, मैदान पर ऊर्जा और हर समय टीम को आगे बढ़ाने का जज़्बा—यही वो गुण हैं जिनसे अरुंधति आज भारतीय महिला क्रिकेट में एक भरोसेमंद नाम बन चुकी हैं।

शुरुआती जीवन और क्रिकेट की शुरुआत

अरुंधति का क्रिकेट सफर हैदराबाद से शुरू हुआ। बचपन से ही उन्हें क्रिकेट से लगाव था और परिवार ने भी उनके इस जुनून को पूरा करने में अहम भूमिका निभाई। तेज़ गेंदबाज़ी की ओर उनका स्वाभाविक झुकाव था। जहां भारत में लड़कियाँ ज़्यादातर बल्लेबाज़ या स्पिनर बनना पसंद करती हैं, वहीं अरुंधति ने तेज़ गेंदबाज़ी को अपना हथियार बनाया।

हैदराबाद की घरेलू प्रणाली ने उनकी प्रतिभा को तराशा। शुरुआत में उन्होंने लगातार मेहनत और फिटनेस पर ध्यान देकर अपनी गेंदबाज़ी को निखारा। जल्द ही वे घरेलू क्रिकेट में एक पहचाना हुआ नाम बन गईं।

घरेलू क्रिकेट से रेलवे तक का सफ़र

2016/17 सीज़न तक अरुंधति हैदराबाद के लिए खेलती रहीं। उसके बाद उन्होंने रेलवे की स्टार खिलाड़ियों से सजी टीम जॉइन की। रेलवे की टीम में खेलना आसान नहीं था क्योंकि यहां भारत की कई शीर्ष क्रिकेटर पहले से ही मौजूद थीं। लेकिन लगातार अच्छा प्रदर्शन कर अरुंधति ने अपनी अलग जगह बनाई।

उनकी स्विंग और लाइन-लेंथ पर पकड़ ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा और धीरे-धीरे वे भारत की उभरती हुई टीमों का हिस्सा बनने लगीं।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की शुरुआत

साल 2018 में अरुंधति को वह बड़ा मौका मिला जिसका हर खिलाड़ी इंतज़ार करता है। उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ़ टी20 इंटरनेशनल में डेब्यू किया। नई गेंद संभालने की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आई और उन्होंने अपने खेल से साबित किया कि वे इस स्तर पर खेलने की काबिलियत रखती हैं।

आने वाले वर्षों में वे भारत की टी20I टीम का नियमित हिस्सा बन गईं। उनका रोल साफ़ था—नई गेंद से विपक्षी टीम पर दबाव बनाना और शुरुआती विकेट निकालना।

महिला वर्ल्ड कप 2025_ Arundhati Reddy का क्रिकेट करियर और शानदार आँकड़े

महिला प्रीमियर लीग (WPL) में प्रदर्शन

साल 2023 में महिला प्रीमियर लीग की शुरुआत हुई और यह टूर्नामेंट महिला क्रिकेट के लिए मील का पत्थर साबित हुआ। अरुंधति रेड्डी को दिल्ली कैपिटल्स ने अपनी टीम का हिस्सा बनाया।
यहां उन्होंने 17 मैचों में 14 विकेट हासिल किए, जिसमें उनका बेस्ट प्रदर्शन 2/27 रहा। WPL ने न केवल उन्हें बड़े मंच पर पहचान दी, बल्कि उनके आत्मविश्वास और अनुभव में भी इज़ाफ़ा किया।

वनडे क्रिकेट में डेब्यू और धमाकेदार प्रदर्शन

करीब छह साल तक केवल टी20I खेलकर अरुंधति को 2024 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ़ वनडे डेब्यू का मौका मिला। इस नए फॉर्मेट में उन्होंने शानदार शुरुआत की और अब तक 9 मैचों में 11 विकेट अपने नाम कर चुकी हैं।

उनके करियर का सबसे यादगार पल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ़ आया, जब उन्होंने 4/26 के आंकड़े के साथ विपक्ष की टॉप-ऑर्डर बल्लेबाज़ Phoebe Litchfield, Georgia Voll, Ellyse Perry और Beth Mooney को पवेलियन भेजा। यह स्पेल न केवल उनके आत्मविश्वास का प्रमाण था बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट में उनकी अहमियत को और मजबूत करने वाला क्षण भी।

मैदान पर ऊर्जा और टीम के लिए महत्व

अरुंधति केवल विकेट लेने वाली गेंदबाज़ नहीं हैं। वे मैदान पर ऊर्जा का केंद्र होती हैं। हर समय टीम को प्रेरित करना, नई गेंद से लगातार तेज़ी और स्विंग निकालना, और ज़रूरत पड़ने पर ब्रेकथ्रू दिलाना—यही उनके रोल की खासियत है।

भारत की स्पिन-प्रधान गेंदबाज़ी अटैक में अरुंधति जैसी तेज़ गेंदबाज़ एक संतुलन बनाए रखती हैं। यही वजह है कि उन्हें टीम की “पेस कोर” यानी तेज़ गेंदबाज़ी की रीढ़ माना जाता है।

महिला विश्व कप 2025 की ओर

अब जब 2025 का महिला वनडे विश्व कप करीब है, अरुंधति रेड्डी पहली बार इस बड़े टूर्नामेंट में खेलेंगी। उनके पास अनुभव, आत्मविश्वास और आक्रामकता तीनों मौजूद हैं। भारत की उम्मीदें उनसे जुड़ी हुई हैं कि वे नई गेंद से विपक्षी बल्लेबाज़ों को मुश्किल में डालेंगी।

निष्कर्ष

अरुंधति रेड्डी का सफ़र यह दिखाता है कि मेहनत, लगन और आत्मविश्वास से कोई भी खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह बना सकता है। हैदराबाद की गलियों से निकलकर रेलवे, फिर भारत की जर्सी पहनने तक उनका सफ़र हर युवा खिलाड़ी के लिए प्रेरणा है।आज वे केवल एक तेज़ गेंदबाज़ ही नहीं, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट की धड़कन हैं, जो मैदान पर अपनी ऊर्जा से सबको प्रभावित करती हैं। आने वाले वर्षों में, खासकर विश्व कप 2025 में, उनसे बड़ी उम्मीदें हैं और यह कहना गलत नहीं होगा कि अरुंधति रेड्डी भारतीय महिला क्रिकेट की पेस बैटरी की अहम कड़ी बन चुकी हैं।

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