वेस्टइंडीज पर Indian बल्लेबाजों का प्रहार – Rahul, Jurel and the Jadeja के शतक टेस्ट क्रिकेट में कहा जाता है कि धैर्य और अनुशासन ही सबसे बड़ा हथियार है। और जब भारतीय टीम अपने घरेलू मैदान पर खेल रही हो, तो यह हथियार दुगना असर दिखाता है। अहमदाबाद टेस्ट का दूसरा दिन इस बात का गवाह बना। भारत ने वेस्टइंडीज़ को पूरी तरह दबाव में डालते हुए अपनी पहली पारी को 448/5 पर समाप्त किया और 286 रनों की विशाल बढ़त हासिल कर ली। इस दौरान केएल राहुल, ध्रुव जुरेल और रवींद्र जडेजा तीनों ने शानदार शतक जड़े।
यह 2025 का तीसरा मौका है जब भारतीय टीम की पारी में तीन बल्लेबाज़ों ने शतक बनाए। इससे पहले लीड्स और मैनचेस्टर में ऐसा नज़ारा देखने को मिला था।
राहुल और गिल की सधी हुई शुरुआत
दूसरे दिन का पहला घंटा शायद वेस्टइंडीज़ के गेंदबाज़ों के लिए सबसे कठिन साबित हुआ। राहुल और शुभमन गिल ने बेहतरीन तालमेल दिखाया और आसानी से रन बटोरते हुए भारत को वेस्टइंडीज़ के पहली पारी के स्कोर से आगे पहुंचा दिया।
गिल ने शानदार नियंत्रण के साथ अपनी आठवीं टेस्ट अर्धशतक पूरी की। वहीं राहुल ने भी अपने क्लासिक अंदाज़ में धैर्य दिखाया। हालांकि एक मौके पर जयडन सील्स ने राहुल का किनारा निकलवाया, लेकिन पहला स्लिप थोड़ा चौड़ा खड़ा था और कैच निकल गया। यही चूक वेस्टइंडीज़ को भारी पड़ी।
स्पिनरों ने रोका बहाव, लेकिन राहुल रहे अडिग
ड्रिंक्स ब्रेक के बाद वेस्टइंडीज़ ने रणनीति बदली। बाएं हाथ के स्पिनर खैरी पियरे ने एंगल बदलकर लेग स्टंप के बाहर बने रफ का इस्तेमाल करना शुरू किया। कुछ समय तक यह रणनीति कामयाब भी रही और रन बनाने की गति थम गई। लेकिन राहुल ने धैर्य रखते हुए मौके का इंतजार किया और फिर एक शानदार रिवर्स स्वीप से दबाव तोड़ा।
गिल हालांकि उसी शॉट की कोशिश में चूक गए और कैच दे बैठे। इसके बावजूद राहुल ने अपना धैर्य नहीं खोया और शानदार बल्लेबाज़ी करते हुए अपने करियर का 11वां और घरेलू मैदान पर दूसरा शतक पूरा किया।

लंच के बाद जडेजा-जुरेल का तूफ़ान
लंच के बाद भारतीय बल्लेबाज़ों ने खेल की दिशा बदल दी। राहुल आउट होकर पवेलियन लौटे, लेकिन इसके बाद मैदान पर आए रवींद्र जडेजा और युवा विकेटकीपर ध्रुव जुरेल। इन दोनों ने मिलकर वेस्टइंडीज़ के गेंदबाज़ों पर धावा बोल दिया।
जुरेल ने रोस्टन चेज़ को शानदार पुल शॉट लगाकर छक्का जमाया, तो जडेजा ने वॉरिकन को लगातार दो छक्के जड़ दिए। इस साझेदारी ने न सिर्फ भारत की बढ़त को बढ़ाया बल्कि मैच को पूरी तरह से भारत के पाले में झुका दिया।
जडेजा की आक्रामक बल्लेबाज़ी का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि उन्होंने वॉरिकन को चार छक्के जड़े और टेस्ट क्रिकेट में एमएस धोनी से ज़्यादा छक्के मारने वाले बल्लेबाज़ बन गए। अब उनसे आगे सिर्फ ऋषभ पंत, वीरेंद्र सहवाग और रोहित शर्मा हैं।
नई गेंद भी नहीं कर सकी मदद
जब 98वां ओवर आया, तब वेस्टइंडीज़ ने नई गेंद ली। लेकिन उम्मीदों के बावजूद गेंदबाज़ कोई बड़ी सफलता नहीं दिला पाए। भारतीय बल्लेबाज़ों ने सतर्कता के साथ खेलते हुए रन बनाए और स्ट्राइक रोटेट किया।
इसी बीच जुरेल ने अपने करियर का पहला शतक पूरा किया। उनकी 210 गेंदों की 125 रनों की पारी में 15 चौके और तीन छक्के शामिल थे। यह पारी न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि थी बल्कि टीम के लिए भी बहुत अहम रही। यह पारी दिखाती है कि पंत की गैरमौजूदगी में भारतीय टीम को एक भरोसेमंद विकेटकीपर बल्लेबाज़ मिल चुका है।
कुछ देर बाद जुरेल आउट हो गए, लेकिन जडेजा ने मोर्चा संभाले रखा और अंततः उन्होंने भी अपना शतक पूरा किया। दिन के अंत में जडेजा 104 रन बनाकर नाबाद रहे।
भारत की पकड़ और मज़बूत
दिन का अंत भारत के 448/5 के स्कोर के साथ हुआ। अब भारत 286 रनों की बढ़त ले चुका है और मैच पर उसकी पकड़ बेहद मज़बूत है। अगर भारतीय गेंदबाज़ इसी अंदाज़ में अगली पारी में खेलते हैं तो वेस्टइंडीज़ के लिए वापसी करना लगभग असंभव होगा।
संक्षिप्त स्कोरकार्ड
भारत – 448/5 (ध्रुव जुरेल 125, रवींद्र जडेजा 104, केएल राहुल 100, शुभमन गिल 50; रोस्टन चेज़ 2-90)*
वेस्टइंडीज़ – 162 (जस्टिन ग्रेव्स 32; मोहम्मद सिराज 4-40, जसप्रीत बुमराह 3-42, कुलदीप यादव 2-25)
भारत को बढ़त – 286 रन
निष्कर्ष
अहमदाबाद टेस्ट का दूसरा दिन पूरी तरह भारतीय बल्लेबाज़ों के नाम रहा। राहुल की क्लासिक पारी, जुरेल का आत्मविश्वास और जडेजा की दमदार बल्लेबाज़ी – इन तीनों ने भारत को एक मज़बूत स्थिति में पहुंचा दिया है। अब मैच का रुख लगभग तय दिख रहा है। अगर भारत के गेंदबाज़ वेस्टइंडीज़ को दोबारा कम स्कोर पर रोकने में सफल रहे, तो जीत महज़ औपचारिकता रह जाएगी। इस मैच ने यह भी साबित किया कि भारतीय टीम के पास युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का ऐसा संतुलन है, जो आने वाले सालों में टीम को और भी ऊँचाइयों पर ले जाएगा।





